उन्नाव में सभासदों का धरना पांचवें दिन भी जारी, पालिका अध्यक्ष की प्रतीकात्मक आरती उतारकर जताया विरोध
वाटर टैक्स माफी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन, विकास कार्यों की जांच और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग
संवाददाता: दानिश अंसारी
उन्नाव। नगर पालिका परिषद उन्नाव के सभासदों का विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा धरना शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान सभासदों ने पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा की प्रतीकात्मक आरती उतारकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभासदों ने पालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, विकास कार्यों की जांच और जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
शनिवार दोपहर एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा धरना स्थल पर पहुंचे और सभासदों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभासदों से मांगपत्र लेकर संबंधित बिंदुओं पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, सभासदों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
वाटर टैक्स माफी और पेयजल व्यवस्था की मांग
सभासदों ने मांग की कि जिन घरों में नगर पालिका की ओर से अब तक पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है, वहां वाटर टैक्स माफ किया जाए। साथ ही जल निगम और नगर पालिका के बीच पेयजल व्यवस्था के हस्तांतरण को लेकर हुए अनुबंध या समझौते की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा
मांगपत्र में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को वर्ष 2026 के शासनादेश के अनुसार वेतन दिए जाने की मांग भी शामिल है। सभासदों का आरोप है कि कर्मचारियों को अभी पुराने शासनादेश के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग फर्मों के माध्यम से लगाए गए कर्मचारियों की संख्या, तैनाती और अन्य विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई।
नाला सफाई और जलभराव को लेकर सवाल
सभासदों ने नाला सफाई का काम टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराने, जलभराव की समस्या दूर करने और सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराने की मांग की। बोर्ड की प्रोसीडिंग बुक की प्रतियां उपलब्ध कराने और सभासदों के प्रस्तावों को विकास योजनाओं में शामिल करने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा खराब स्ट्रीट लाइट, हाथ कूड़ा गाड़ियों की कमी और फागिंग रोस्टर सार्वजनिक नहीं किए जाने का मुद्दा भी सभासदों ने उठाया। उनका कहना है कि इन समस्याओं के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
विकास कार्यों और खर्च की जांच की मांग
सभासदों ने पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, भुगतान, टेंडर प्रक्रिया, संबंधित फर्मों को दिए गए कार्य और विभिन्न योजनाओं में हुए खर्च की जांच की मांग की है। सभासदों ने कुछ मामलों में वित्तीय अनियमितता के आरोप भी लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह की ओर से भी सभासदों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब सभासदों ने मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रखने की बात कही है।
